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PM मोदी की कही एक बात से सुलझ गया था डोकलाम विवाद
नई दिल्ली,01/सितंबर/2017(ITNN)>>> हैंबर्ग में जी-20 सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई मुलाकात में डोकलाम विवाद का हल निकालने की आधारशिला रखी गई थी। प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच सात जुलाई को मुलाकात हुई थी। उस समय 16 जून पैदा हुआ तनाव जारी था। एक नई किताब में इस बात का दावा किया गया है। इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की।

रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ नितिन ए.गोखले ने सिक्युरिंग इंडिया द मोदी वे' नाम की किताब में कहा गया है कि जी-20 सम्मेलन में मोदी के शी के पास पहुंचे थे। उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को इस किताब का विमोचन किया था। किताब में कहा गया है,बैठक के गवाह रहे भारतीय राजनयिकों के अनुसार,प्रधानमंत्री की शी से अघोषित मुलाकात के बाद चीनी दल चकित रह गया था। 

संक्षिप्त मुलाकात के दौरान,मोदी ने शी को सलाह दी कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और स्टेट काउंसलर यांग जीची को डोकलाम विवाद सुलझाने की अगुवाई करनी चाहिए। मोदी ने शी से कहा,हमारे रणनीतिक संबंध डोकलाम जैसे इन छोटे सामरिक मुद्दों से बड़े हैं। इस मुलाकात के 15 दिनों बाद,डोभाल ब्रिक्स एनएसए बैठक के लिए बीजिंग गए। इस बीच भारतीय दल ने राजदूत विजय गोखले की अगुवाई में चीन में 38 बैठकें कीं।

भारतीय दल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,एनएसए डोभाल और विदेश सचिव एस.जयशंकर से स्पष्ट निर्देश मिल रहे थे। किताब में कहा गया है,दल को निर्देश दिए गए थे कि भारत जमीन पर दृढ़ और कूटनीति में तर्कसंगत रहेगा। ब्रिक्स स्तर पर जोरदार तैयारी करने के बाद चीन शिखर सम्मेलन में भारत की अनुपस्थिति का खतरा मोल नहीं ले सकता था। अंत में,बात यहां तक पहुंची कि चीन इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य को रोकेगा,जिस वजह से यह विवाद पैदा हुआ था।