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अर्थव्यवस्था के आलोचकों पर मोदी का पलटवार
नई दिल्ली,05/अक्टूबर/2017(ITNN)>>> प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में कंपनी सेक्रेटरीज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विरोधियों को निशाने पर लिया। जाने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की 10 खास बातें।

1- कालेधन के खिलाफ हमारा अभियान जारी है। नोटबंदी का दिन 8 नवंबर भ्रष्टाचार मुक्ति का पर्व था जिससे इकोनामी को फायदा हुआ है। नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में एेसी कंपनियों के बारें में पता चला है जो कि अवैध कार्य कर रही थी।

2- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समय समय पर सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा डाटा जारी किया जाता है। यदि यह डाटा आलोचकों के हिसाब से है तो ठीक लेकिन जैसे यह डाटा उनके खिलाफ होता है तो वह संस्थान की बुराई करना शुरु कर देते हैं।

3- पिछली सरकार में 8 बार एेसा हुआ कि उनकी विकास दर 5 से नीचे रही थी। विपक्षियों को विकास दर नीचे होने से खुराक मिलती है। 2012-13-14 में औसत वृद्धि जीडीपी डाटा तय करने का तरीका एक जैसा ही रहा है। सीएसओ ने 7.4 प्रतिशत वृद्धि का डाटा रीलीज किया था तो विपक्षियों ने इसे खारिज कर दिया था। केवल विपक्षियों के गले न उतरने के कारण विरोध शुरु किया।

4- एक वह दौर था जब देश को एक एेसी अंतराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में रखा गया जिसमें वह देश थे जो कि विश्व के विकास में बाधक हैं। उस समय देश में बड़े-बड़े अर्थशास्त्री थे फिर एेसा क्यों हुआ। देश के विकास को विपरीत दिशा मे ले जाने वाले सभी पैरा मीटर उन्हें पसंद आते थे। लेकिन जब आज वही आंकड़े बदल चुके हैं और देश विकास के रास्ते पर हैं यह उन्हें नहीं दिखाई दे रहा है।

5- फिस्कल डेफिसिट जो पिछली सरकार के समय 4.5 प्रतिशत था वह अब घटकर 3.5 प्रतिशत हो गया है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 25 प्रतिशत बढ़ा है। यह विपक्षियों को नजर नहीं आता है।

6- पिछले तीन साल में देश ने 7.5 प्रतिशत की औसत ग्रोथ हासिल की गई है। देश की अर्थव्यवस्था की जड़े मजबूत है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार द्वारा उठाया जाने वाला कदम देश के विकास में ही होगा। हम एक संवेदनशील सरकार हैं, हम आलोचनाओं का बुरा नहीं मानते।

7- रिजर्व बैक ने भी आज कहा है कि सरकार द्वारा उठाया जा रहा कदम देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करेगा। जो लोग ईमानदारी के रास्तें पर आना चाहते हैं उनका स्वागत है। यह बात सही है कि पिछले तीन वर्षों में 7.5 प्रतिशत की औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस वर्ष अप्रैल-जून की तिमाही में GDP ग्रोथ में कमी दर्ज की गई,लेकिन यह बात भी उतनी ही सही है कि सरकार इस ट्रेंड को रिवर्स करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

8- हम जीएसटी की रिव्यू कर रहे हैं जो भी परेशानिया आ रही हैं उस पर सभी पार्टिया मिलकर उसे दूर करेंगे। तीन महीने के दौरान जो भी कमियां नजर आई हैं और जो आवश्यक होगा वह कदम हम उठायेंगे। हम लकीर के फकीर नहीं हैं,न ही हम दावा करते हैं कि सारा ज्ञान हमारे पास ही है। इसलिए सबसे राय ली जायेगी।

9- देश के इतिहास में यह कालखंड बहुत बड़े परिवर्तन का है,देश में ईमानदार और पारदर्शी शासन का महत्व समझा जाने लगा है। इस सरकार की सारी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। जनधन योजना के तहत अब तक 30 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं। सरकार ने मध्यम वर्ग को घर बनाने के लिए ब्याज में राहत देने का फैसला किया है।

10- मेहनत से कमाए गए आपके एक-एक पैसे की कीमत यह सरकार समझती है। इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वो गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी तो आसान बनाएं ही,उनके पैसों की भी बचत कराएं।