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कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला,19 दिसंबर को हो सकती है राहुल की ताजपोशी
नई दिल्ली,20/नवम्बर/2017(ITNN)>>> कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांंधी की ताजपोशी पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ पर कांग्रेसी दिग्गज पहुंचे। इस बैठक का एजेंडा कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम तय करना था। कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति ने फैसला कर लिया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अध्यक्ष पद के लिए 1 दिसंबर को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होगी। 

4 दिसंबर तक नामांकन किया जा सकेगा और 11 दिसंबर को नाम वापस लिए जा सकेंगे। 16 दिसंबर को वोटिंग होगी अौर 19 दिसंबर को अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। समिति में यह भी फैसला किया गया है कि यदि राहुल गांधी के सामने कोई उम्मीदवार खड़ा नहींं होता तो उनको अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के कयासों पर फिलहाल कुछ दिनों के लिए विराम लग गया है। 

इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सोमवार को पार्टी अध्यक्ष बनाने का औपचारिक ऐलान हो सकता है। इससे साफ है कि 9 दिसंबर को गुजरात चुनाव के पहले दौर के मतदान के पूर्व ही राहुल गांधी की अध्यक्ष के रुप में ताजपोशी होने की संभावना है। हालांकि उनके नाम पर औपचारिक मुहर भले अभी लगे,मगर पार्टी उपाध्यक्ष होने के बाद से ही कमान उनके हाथों में ही है। शुरुआती दौर में जो नेता उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते थे, अब वो नेता भी उनका नेतृत्व स्वीकार कर चुके हैं।

सबको साथ लेकर चलने का इरादा 
राहुल ने भी हाल के समय में अपनी युवा नेताओं की टीम के साथ वरिष्ठों को भी पूरा तवज्जो देकर यह संदेश दिया है कि वह फिलहाल कांग्रेस में सबको साथ लेकर चलने का इरादा रखते हैं। सोनिया गांधी की सेहत गडब़़ड होने के बाद से ही राहुल को पार्टी की कमान सौंपने की बातें चल रही हैं, मगर कई मौकों पर इसको लेकर खुद राहुल तैयार नहीं दिखे। हालांकि बीते तीन महीनों के दौरान राहुल ने इस संशय से बाहर आकर नेतृत्व संभालने के अपने इरादे साफ कर दिए।

2004 में राजनीतिक पारी का अागाज 
2004 में अमेठी से लोकसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक पारी का आगाज करने वाले राहुल गांधी ने 2007 में बतौर कांग्रेस महासचिव संगठन में जिम्मेदारी संभाली। संप्रग की दस साल की सत्ता के दौरान उन्हें कई बार मनमोहन सिंह ने अपने कैबिनेट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया, मगर राहुल ने इनकार कर दिया।

जब उठी थी राहुल को पीएम बनाने की बात 
2012 में तो कांग्रेस के एक वर्ग ने उन्हें मनमोहन की जगह पीएम बनाने तक की अंदरूनी आवाज बुंलद की। जयपुर में जनवरी 2013 में राहुल को औपचारिक रूप से सोनिया गांधी का उत्तराधिकारी बनाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष के रूप में प्रमोशन दिया गया। राहुल के मुकाबले पार्टी के अंदर उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में राहुल का निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष चुना जाना भी तय दिखता है।