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पर्यटकों को नहीं कह सकते उन्हें क्या खाना है और क्या नहीं : अमिताभ कांत
नई दिल्ली,07/अक्टूबर/2017(ITNN)>>> जहां एक तरफ राज्यों की सरकारें शराब और बीफ पर प्रतिबंध लगाने में लगी हैं वहीं नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि सरकार किसी पर्यटक को यह नहीं कह सकती कि उसे क्या खाना है और क्या पीना,इस तरह के प्रतिबंध पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का काम नहीं है कि उनके खाने पीने पर नजर रखे। 

कांत ने शनिवार को यहां वर्ल्ड ईकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय राज्य इस मुद्दे में नहीं पड़ सकती की पर्यटक क्या खाना चाहते हैं। क्या नहीं यह संभव ही नहीं है। वो जो भी खाएं पीएं यह उनका निजी मामला है राज्य का नहीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकारें शराब और बीफ बैन करते समय यह समझने में नाकाम रहीं कि देश को यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों को उनकी जरूरत की हर सुविधा दी जानी चाहिए। 

इस पर कांत ने कहा कि मैं लंबे समय से कुछ चीजों को मानता आया हूं। पर्यटन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और हम गंदगी के बीच यह नहीं कह सकते कि हमारे पास महान पर्यटन स्थल हैं। भारत को स्वच्छता पर ध्या देना चाहिए और दूसरी बात अच्छे अनुभव से जुड़ी है। कांत बोले की मैंने कहा कि पर्यटकों को अच्छा अनुभव मिलना चाहिए। साम में जब वो खुद को रिलेक्स करना चाहे तो हमें उनके लिए ऐसा अनुभव देना चाहिए जो भारतीय संस्कृति के अनुकूल हो। बता दें कि कुछ दिनों पहले देश के पर्यटन मंत्री अल्फोंस का बयान आया था कि विदेशी टूरिस्ट अपने देश में ही बीफ खाकर आएं। इसके बाद इस बयान पर विवाद भी हुआ था।