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योगी और सिद्धारमैया में ट्विटर वार,भूख से मौत पर दोनों ने एक दूसरे को दिखाया आईना
नई दिल्ली,08/जनवरी/2018(ITNN)>>> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ गई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने ट्विटर पर एक-दूसरे की जमकर खिंचाई की। सिद्धारमैया ने योगी के कर्नाटक में आने पर स्वागत करने के साथ तंज कसा कि यहां से आपको सीखने को मिलेगा तो योगी ने भी पलटवार करते हुए किसानों की मौतों पर उन्हें घेरा।

भूख से मौत के आंकड़े कम करने में मदद मिलेगी
योगी आदित्यनाथ रविवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में बेंगलुरू गए थे। यहां उन्होंने एक जनसभा में कर्नाटक सरकार की जमकर खबर ली। इसके बाद सिद्धारमैया ने योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए एक तंज भरा ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा- योगी जी, आपका हमारे राज्य में स्वागत है। यहां आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा। हमारे यहां इंदिरा कैंटीन और राशन की दुकान पर जाएं। इससे आपको यूपी में भूख से हो रही मौतों के आंकड़ों को कम करने में मदद मिलेगी।

आपके सहयोगी दलों के भ्रष्टाचार को खत्म कर रहा हूं
सिद्धारमैया के इस ट्वीट के बाद योगी भी कहां चुप रहने वाले वाले थे। इस पर उन्होंने पलटवार किया। योगी ने भी सिद्धरमैया के अंदाज में उन्हें टैग करते स्वागत करने के लिए आभार जताते हुए कहा कि मैंने भी कर्नाटक में किसानों की मौतों के बारे में सुना है जो आपके कार्यकाल में सर्वाधिक रही है। योगी ने आगे कहा कि यूपी में मैं अपने सहयोगी दलों द्वारा किए गए अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए काम कर रहा हूं।

विभाजनकारी नितियों से पांच साल पीछे चला गया राज्य 
इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कर्नाटक सरकार भ्रष्टाचार,विभाजनकारी राजनीति और विकास विरोधी नीतियों के कारण राज्य को पांच वर्ष पीछे ले गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस जाति के आधार पर समाज को बांटने पर तुली है।

मेरे राज में अब तक नहीं हुई कोई सांप्रदाटिक घटना
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जब भाजपा सरकार थी तो उसने एक गौ वध विरोधी कानून पारित किया था लेकिन कांग्रेस ने इसे रद्द कर दिया। योगी ने राज्य में बिगड़ती कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के लिए सिद्धारमैया पर निशाना साधा और दावा किया कि पांच वर्षों में आरएसएस या संघ परिवार से संबद्ध 22 लोगों की हत्या हुई है। उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में जब से उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला है तब से सांप्रदायिक हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है।