प्रमुख समाचार
फर्जी कंपनी को किया था 12 करोड़ का पेमेंट
नोएडा,08/फरवरी/2017(ITNN)>>>>>>> लाखों लोगों से 37 सौ करोड़ की ठगी के आरोपी अनुभव मित्तल ने फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का गबन किया है। एसटीएफ को जांच में पता चला है कि सोशल ट्रेड समेत अनुभव मित्तल की अन्य कंपनियों को कंसलटेंसी व मैन पावर उपलब्ध कराने के नाम पर जिस कंपनी को 12 करोड़ रुपये का पेमेंट हुआ, वह कंपनी फर्जी है। एसटीएफ को जांच में यह भी पता चला है कि यह पेमेंट 2016 के शुरुआती महीनों में ही हुआ है। इससे साफ हो गया है कि अनुभव मित्तल ने इसी तरह कई फर्जी कंपनियों को पेमेंट दिखाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है। बैंक खातों की जांच के साथ अन्य फर्जी कंपनियों का पर्दाफाश होगा।

सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के जवाब आने शुरू
अनुभव मित्तल ने कई सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को अपना क्लाइंट बताया था। एसटीएफ ने इन सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को पत्र लिखा है। जिसमें कुछ के जवाब भी आ गए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने एसटीएफ को मेल कर बताया है कि उसका अनुभव मित्तल या उसकी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।

केन्या से भी आई शिकायत
सोशल ट्रेड के खिलाफ शिकायत आने का दौर जारी है। अब तक ऑनलाइन आठ हजार शिकायतें आ चुकी हैं। जिसमें कुछ शिकायतें केन्या से भी हैं। इससे पहले नाइजीरिया से भी शिकायतें आ चुकी हैं। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में अनुभव मित्तल व अन्य खिलाफ मंगलवार को एफआइआर भी दर्ज हुई है। एसटीएफ ने सभी केस की जानकारी संबंधित थानों से मांगी है।

एक सप्ताह की पुलिस हिरासत की मांग
एसटीएफ ने मंगलवार को जिला न्यायालय से अनुभव मित्तल,श्रीधर और महेश दयाल को एक सप्ताह के लिए पुलिस हिरासत की मांग की है। जिस पर बुधवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। उधर,प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की जा रही कार्रवाई के बाबत में जिले को प्रोडक्शन वारंट प्राप्त हो गया है।

रिजर्व बैंक की जांच के बाद हो गया था सचेत
अनुभव मित्तल की कंपनी के खिलाफ तीन अक्टूबर को रिजर्व बैंक में दो शिकायतें हुई थी। रिजर्व बैंक ने अनुभव मित्तल को नोटिस जारी किया था। अनुभव मित्तल की पत्नी आयुषी अग्रवाल ने शिकायतों पर जवाब दिया था। आठ नवंबर को भेजे जवाब में आयुषी ने रिजर्व बैंक को बताया था कि जो कंपनी अनुभव की बताई जा रही है,वह उनकी नहीं है। उसने रिजर्व बैंक को यह भी बताया था कि कंपनी का जो पता बताया गया है, वह है ही नहीं। इससे साफ है कि इस तरह की कोई कंपनी नहीं है और न ही शिकायत सही है। इस जवाब के बाद रिजर्व बैंक ने जांच को बंद कर दिया था। इसके बाद अनुभव मित्तल सचेत हो गया था। वह ई कामर्स के धंधे में पैर पसारने लगा था।

कब कितने निवेशक जुड़े,इसकी जानकारी नहीं
एसटीएफ को जांच में पता चला है कि अनुभव मित्तल ने ठगी के धंधे से कब कितने लोगों को जोड़ा है,इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। अनुभव मित्तल की कंपनी सोशल ट्रेड से कब किसको जोड़ा गया,इसका डाटा मौजूद नहीं है। हालांकि,एसटीएफ को 9 लाख पहचान पत्र मिले हैं।