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अफगानिस्तान की बम ब्लास्ट पीड़िता को हिदुस्तानी मरहम
नई दिल्ली,24/नवम्बर/2017(ITNN)>>> अफगानिस्तान में बम ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय पीड़िता जाकिया मुकीम को एम्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने जिंदगी दी। अफगानिस्तान के दूतावास की पहल पर उसे एयर एंबुलेंस से दिल्ली लाकर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उस वक्त वह बेहोश थीं और मतिष्क में बम के छर्रे लगने के कारण शरीर का बायां हिस्सा प्रभावित हो गया था। एम्स के डॉक्टरों का प्रयास रंग लाया। अब उसकी चेतना वापस आ गई है। उसकी सेहत में काफी सुधार है। जल्दी ही वह अपने वतन लौट सकेगी। 

ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के मुताबिक वह लड़की एक नवंबर को वहां बम ब्लास्ट में घायल हो गई थी। इसके बाद अफगानिस्तान में ही उसका इलाज चल रहा था। हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली लाया गया। नौ नवंबर को उसे ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी के आइसीयू में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों का कहना है कि लड़की के मस्तिष्क के दायें हिस्से में बम के छर्रे लगे थे। इस वजह से मस्तिष्क में सूजन हो गया था। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जन डॉ.दीपक गुप्ता ने कहा कि उसका बायां हाथ व पैर काम नहीं कर पा रहा था। उसे हाई डोज एंटिबायोटिक दवाएं दी गईं। 

जिससे उसके बायें हाथ व पैर में काफी सुधार हुआ है। इसके अलावा उसके दायें पैर में फ्रैक्चर हो गया था और त्वचा को भी नुकसान पहुंचा था। इसका इलाज आर्थोपेडिक्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने की। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन का कहना है कि उसे दो-तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हालांकि उसके मस्तिष्क में बम के छर्रे अब भी मौजूद हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उसे निकालना लड़की के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उसकी मौजूदगी से उसे कोई परेशानी नहीं है।