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H-1B वीजा पॉलिसी में बदलाव का प्रस्ताव,हजारों भारतीयों की नौकरी खतरे में
नई दिल्ली,02/जनवरी/2018(ITNN)>>> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा पॉलिसी में बदलाव के प्रस्ताव से वहां काम करने वाले भारतीयों की नौकरी पर संकट के बादल छा गए हैं। बताया जा रहा है कि इससे करीब 75 हजार भारतीयों की नौकरी खतरे में आ सकती है। गौरतलब है कि अमेरिकी प्रशासन इस वक्त बाय अमेरिकन,हायर अमेरिकन की पॉलिसी के तहत काम कर रहा है। सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की संस्था नैस्कॉम ने इसे लेकर चिंता जताई है। आने वाले दिनों प्रस्तावित बदलावों पर बातचीत हो सकती है। 

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का यह प्रस्ताव उन विदेशी वर्करों को अपना H-1B वीजा रखने से रोक सकता है,जिनके ग्रीन कार्ड आवेदन अटके हुए हैं। इसमें से बड़ी संख्या भारतीय पेशेवरों की है। यदि यह नियम लागू हो जाता है,तो 50 से 75 युवा इस फैसले की चपेट में आ सकते हैं। भारतीयों के अलावा दूसरों देशों के युवाओं को भी अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। दरअसल,अमेरिकी प्रशासन का यह कदम उसके 'प्रोटेक्ट एंड ग्रो अमेरिकन जॉब्स बिल' के तहत ही उठाया है। 

अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के लिए H-1B के नियमों को सख्त बनाने की बात कही जाती रही है। राष्ट्रपति चुनाव में भी डोनॉल्ड ट्रंप ने इस बात का मुददा उठाया था। उन्होंने युवा अमेरिकी नौकरी पेशेवरों को नौकरी में प्रियॉरटी देने की बात कही थी। बताते चलें कि अमेरिका आने वाले लोगों की संख्या कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन पहले ही वीजा की फीस बढ़ा चुका है। जनवरी 2016 में एच-1बी वीजा की फीस 2000 डॉलर से बढ़ाकर 6000 डॉलर और एल-1 वीजा की फीस बढ़ाकर 4500 डॉलर कर दी गई है।