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चीन ने सूखे से निपटने के लिए 10 अरब घन मीटर पानी का रुख मोड़ा
बीजिंग,05/अक्टूबर/2017(ITNN)>>> चीन ने 10 अरब घन मीटर पानी का रुख बीजिंग सहित सूखे की आशंका वाले उत्तरी क्षेत्र की ओर मोड़ दिया है। इसका फायदा करोड़ों लोगों को होगा। जल प्रबंधन संबंधी कार्यालय ने बताया कि यांगत्जे नदी से पानी का रुख दुनिया की सबसे लंबी नहर और पाइपलाइन के माध्यम से बीजिंग, तियानजिन और हेनान व हेबेई प्रांतों की ओर से मोड़ा गया है। इसकी कुल लंबाई 1400 किमी है।

पानी का रुख मोड़ने वाली परियोजना की शुरुआत 1952 में चीनी नेता माओ जेडोंग ने की थी,लेकिन पर्यावरण पर इसके प्रभाव और लोगों के बेघर होने की आशंका के मद्देनजर इसमें विलंब हुआ। इसे स्टेट काउंसिल ने दिसंबर,2002 में मंजूरी दी। परियोजना के तहत, 2.7 अरब घन मीटर पानी राजधानी बीजिंग की ओर भेजा गया है जहां 1.1 करोड़ लोगों को फायदा होगा। बीजिंग में करीब 70 फीसदी लोगों तक पानी की आपूर्ति इसी परियोजना के माध्यम से होती है।

दूसरा सबसे बड़ा पानी का प्रोजेक्ट
चीन ने थ्री गॉर्जेस डैम के बाद दूसरे सबसे बड़े पानी के प्रोजेक्ट को अंजाम दिया है। थ्री गॉर्जेस को दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर डैम माना जाता है।

इन शहरों,प्रांतों को इतना पानी मिला
- 2.7 अरब घन मीटर पानी बीजिंग को

- 2.2 अरब घन मीटर पानी तियानजिन में

- 3.5 अरब घन मीटर पानी हेनान को

- 1.1 अरब घन मीटर पानी हेबेई प्रांत को

भारत में भी जारी है नदी जोड़ो परियोजना
चीन के समान ही भारत में पानी की आपूर्ति के लिए सरकार की महत्तवाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना जारी है। इस विशाल परियोजना से गंगा समेत देश की 60 नदियों को जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की मानसून पर निर्भरता भी खत्म होगी और हजारों मेगावॉट बिजली भी पैदा होगी।