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मुलायम सिंह यादव सोमवार को कर सकते हैं सेक्युलर मोर्चे के गठन की घोषणा
लखनऊ,25/सितंबर/2017(ITNN)>>> समाजवादी पार्टी के राज्य सम्मेलन में शिवपाल की उपेक्षा के बाद पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव सोमवार को अपने अगले कदम का एलान कर सकते हैं। यह कदम सेक्युलर मोर्चा के रूप में होगा या फिर किसी अन्य रूप में,इसकी घोषणा सोमवार को वह प्रेस कांफ्रेंस में करेंगे। मुलायम ने यह प्रेस कांफ्रेंस लोहिया ट्रस्ट भवन में बुलाई है। इस ट्रस्ट से कुछ दिन पहले ही प्रो.राम गोपाल यादव को बाहर कर शिवपाल यादव को शामिल किया गया है। 

रविवार को शिवपाल ने दो बार मुलायम सिंह से मुलाकात की। इसके अलावा वह लोहिया ट्रस्ट में लोगों से देर रात तक मिलते रहे। पूर्र्वांचल व कई अन्य जिलों के नेता उनसे मिलने पहुंचे। शिवपाल समर्थकों का दावा है कि यदि सेक्युलर मोर्चे का गठन होता है तो सपा के कई नेता उनके साथ नजर आएंगे। लोहिया ट्रस्ट के सदस्य डॉ.दीपक मिश्र ने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस साढ़े ग्यारह बजे होगी। 

गौरतलब है कि लोहिया ट्रस्ट से प्रो.राम गोपाल यादव को बाहर किए जाने के बाद से ही यह तय हो गया था कि मुलायम कोई बड़ा कदम जल्द उठाने वाले हैं,लेकिन इसकी घोषणा के लिए सपा के राज्य सम्मेलन के पूरा होने तक इंतजार करने का फैसला लिया गया। शिवपाल के करीबियों के अनुसार कई छोटे दलों ने उनसे संपर्क किया है और यदि मोर्चा गठित होता है तो वे उसमें शामिल होंगे। अब यह मोर्चा मुलायम की मजबूरी भी है क्योंकि पार्टी में अखिलेश और उनकी टीम से असंतुष्ट नेताओं के लिए फिलहाल कोई फोरम नहीं रह गया है।

मुलायम का नेतृत्व स्वीकारने को लोकदल तैयार
लोकदल का मानना है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में ही सांप्रदायिक ताकतों को शिकस्त दी जा सकती है। पार्टी उनकी अगुआई में चुनाव लड़ने को तैयार है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि मुलायम सिंह सपा से अलग होकर नया रास्ता चुनते हैं तो उनके कंधे से कंधा मिला कर संघर्ष किया जाएगा। मुलायम सिंह को लोकदल की कमान सौंपने के प्रश्न पर अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भी वह इसके लिए तैयार थे।

रालोद में बेचैनी
मुलायम सिंह यादव द्वारा लोकदल की कमान संभालने की चर्चाओं से अजित सिंह के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकदल में बेचैनी बढ़ी है। एक पूर्व विधायक का कहना है कि अगर मुलायम,लोकदल की बागडोर संभालते हैं तो राजनीतिक तस्वीर बदलेगी। चौधरी चरण सिंह व लोहिया के अनुयायी एक मंच पर आते हैं तो भाजपा विरोधी मोर्चा बनाना भी आसान होगा।