प्रदेश विशेष
उर्जा मंत्रालय ने की पीड़ितों को मुआवजे की घोषणा,कांग्रेस ने की जांच की मांग
रायबरेली,02/नवम्बर/2017(ITNN)>>> ऊंचाहार के एनटीपीसी प्लांट हादसे में मरने वालों की संख्या 26 होने के बाद अब कांग्रेस ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। वहीं प्लांट का दौरा करने पहुंचे केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपए,गंभीर घायलों को 10 लाख और मामूली घायलों को 2 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की है।

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सूरत का दौरा छोड़कर पीड़ितों से मिलने के लिए रायबरेली पहुंचे। राहुल ने यहां पहले मृतकों के परिजनों से मुलाकात की जिसके बाद वो जिला अस्पताल पहुंचे जहां घायलों के हालचाल पूछे। हादसे में घायलों में एनटीपीसी के तीन एजीएम भी शामिल हैं। मृतकों में उत्तर प्रदेश,बिहार और मध्य प्रदेश के लोग शामिल हैं।

शोक संवेदना और मदद 
एनटीपीसी हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद सोनिया गांधी ने शोक संवेदना व्यक्त किया है। यूपी सीएम ने प्रमुख सचिव गृह को हादसे के पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के लिए सीएम की ओर से मृतक आश्रितों के लिए दो-दो लाख और गंभीर घायलों 50-50 हजार तथा सामान्य घायलों को 25-25 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। अब गुरुवार को यूपी तथा केंद्र सरकार के मंत्री घटनास्थल का निरीक्षण करने जा रहे हैं।

ऐश पाइप में अचानक धमाका 
नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) ऊंचाहार परियोजना के संयंत्र क्षेत्र में नवनिर्मित पांच सौ मेगावाट क्षमता की छठी इकाई में बिजली उत्पादन का काम चल रहा था। शाम करीब पांच बजे ब्वॉयलर की ऐश पाइप में अचानक तेज आवाज के साथ धमाका हो गया। लगभग 90 फीट ऊंचाई पर विस्फोट हुआ और प्लांट के चारों ओर गर्म राख फैल गई।

ब्वॉयलर के आसपास निजी कंपनी के दो सौ से ज्यादा श्रमिक,एनटीपीसी के कर्मचारी व अधिकारी काम में जुटे थे। ये सभी राख की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना पर एनटीपीसी प्रबंधन सक्रिय हुआ। गर्म राख को हटाकर घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। सबसे पहले घायलों को एनटीपीसी अस्पताल लाया गया। फिर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रायबरेली या लखनऊ रेफर किया जाने लगा।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा एनटीपीसी ऊंचाहार की 500 मेगावाट की छठी यूनिट हुआ है। इस हादसे में 25 लोगों को एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है। शेष घायलों को निकाला जा रहा है और निकट के अन्य अस्पतालों में भर्ती करा जा रहा है। अधिकारियों ने यूनिट को सील कर दिया है। वहां किसी को जाने की अनुमति नहीं है। लोगों ने चार शवों को निकाले जाते देखा है लेकिन अभी इनके मरने पुष्टि नहीं हो सकी है।

ऐसे हुआ हादसा 
एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार के मुताबिक यह हादसा बुधवार शाम पांच से साढ़े पांच बजे मध्य का है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि बॉयलर के नीचे जलने वाली आग की राख पाइप से बाहर नहीं निकल सकी थी। जिससे ऐश पाइप में गैस का प्रेशर बनने से पाइप व बॉयलर में जोरदार ब्लास्ट हो गया।