प्रदेश विशेष
पीएम आवास के पैसे से किसी ने शराब पी तो किसी ने उधारी चुकाई
श्योपुर,22/नवम्बर/2017(ITNN)>>> श्योपुर जनपद की नगदी ग्राम पंचायत के हांसापुर गांव निवासी विनोद पुत्र भगोली आदिवासी को पीएम आवास के लिए दो किश्ताें के 80 हजार रुपए मिले। इन 80 हजार से दासा लेवल तक आवास का निर्माण कराया,जिसमें 35-40 हजार रुपए खर्च हुए। दूसरी किश्त के 40 हजार रुपए मिले उनसे विनोद आदिवासी ने आवास का कोई काम नहीं कराया और 40 हजार रुपए को शराब पीने में खर्च कर दिया। अब उसके आवास का काम अधूरा पड़ा है। ऐसा केवल विनोद ही नहीं है। 

जिले में 65 से ज्यादा ऐसे हितग्राही हैं जो पीएम आवास की राशि से या तो शराब पी गए या किसी ने ट्रैक्टर खरीद लिया तो किसी ने उधारी चुका दी। कई ऐसे भी हितग्राही हैं जो आवास की राशि मिलने के बाद गांव से ही गायब हो गए। ऐसे हितग्राहियों ने उन अधिकारी-कर्मचारियाें की फजीहत कर दी है,जिन्हें सरकार ने हर हाल में आवास का काम समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिले में पीएम आवास योजना के पहले चरण के तहत 10 हजार 60 हितग्राहियों को आवास दिए जा रहे हैं।

आवास के पैसे से कोई ट्रैक्टर ले आया तो किसी ने चुकाया कर्ज

-मेवाड़ा गांव के राधेश्याम पुत्र मोरूलाल बैरवा को पहली किश्त के 40 हजार मिले। इस राशि से राधेश्याम ने पुराना कर्जा चुका दिया। आवास रत्तीभर नहीं बना।

-रामनिवास पुत्र मोहरलाल निवासी मेवाड़ा ने आवास का काम शुरू भी नहीं किया और पहली किश्त के 40 हजार रुपए से ट्रैक्टर ले आया।

-बासोंदा ग्राम पंचायत के धानोदा गांव निवासी मोरपाल पुत्र रामनाथ माली को 40 हजार मिले। घर बनाने के बजाय मोरपाल तीन महीने पहले 40 हजार को लेकर गांव से ही फरार हो गया।

-कराहल के मुकेश आदिवासी को 40 हजार रुपए मिले,लेकिन वह आवास बनाने की बजाय 40 हजार रुपए लेकर जयपुर चला गया है और वहां इन पैसों से रोजगार करने लगा है।

-लुहारी गांव के गिर्राज आदिवासी, रामरतन पुत्र शिब्बू और महावीर आदिवासी ने भी आवास का काम शुरू नहीं किया और 40-40 हजार रुपए की राशि दूसरे कामों में खर्च कर दी है।

सरपंच के पुत्र ने भी खर्च कर दिया पैसा
कराहल जनपद के लुहारी ग्राम पंचायत के सरपंच धनराज आदिवासी के बड़े बेटे मनकीलाल को भी पीएम आवास स्वीकृत हुआ है,लेकिन सरपंच के बेटे ने आवास का काम शुरू भी नहीं किया और पहली किश्त के 40 हजार रुपए खर्च कर दिए। प्रशासन के दबाव के बाद सरपंच अपने बेटे को रुपए देकर आवास का काम शुरू करवाने की बात कह रहे हैं।

इनका कहना है
विनोद आदिवासी ने आवास के लिए मिली दूसरी किश्त की राशि को शराब में खर्च कर दिया है। उसका निर्माण आधा है। मेरी पंचायत में ऐसे चार लोग हैं,जिन्हाेंने राशि मिलने के बाद भी काम नहीं कराया। इन पर अब एफआईआर करवानी है। रामलखन मीणा रोजगार सहायक,नगदी ग्रापं