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अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में पहुंचे 44 देशों के पतंगबाज,ऐसा है नजारा
अहमदाबाद,08/जनवरी/2018(ITNN)>>> साबरमती रिवरफ्रंट के किनारे एनआईडी मैदान पर 29वां अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का रंगारंग आगाज हो गया है। 7 से 13 जनवरी तक चलने वाले इस पतंग महोत्सव में 44 देशों के पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। रविवार को राज्यपाल ओपी कोहली और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इसका उद्घाटन किया। इस बार के पतंग महोत्सव में कुलभूषण की पाकिस्तान में रिहाई को भी शामिल किया गया है। साबरमती नदी के किनारे आसमान में कहीं विशालकाय नाग तो कहीं कमल के आकार के पतंगों से आसमान पट सा गया है।

उद्घाटन समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि- पतंग लोगों को नई ऊंचाई छूने की प्रेरणा देता है। वहीं पतंग उत्सव से 2 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे 572 करोड़ का टर्न ओवर हो रहा है। राज्य सरकार ने इस बार अहमदाबाद के अतिरिक्त विविध शहरों में भी पतंग उत्सव आयोजित किया है। इसके अतिरिक्त चाइनीज ड्रेगन और मलेशिया का रिमोट संचालित पतंग भी उड़ रहा है।

इन देशों से आए पतंगबाज
इस वर्ष इंग्लैंड, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया , ब्राजील, बेलारुस, बेल्जियम, बुल्गारिया, कंबोडिया, कनाडा, फ्रांस, इंडोनेशिया, इजरायल, इटली, मकाउ और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के 150 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं।

पतंग पर जीएसटी लगने से व्यापारियों में गुस्सा
गुजरात पतंग मैन्युफेक्चरिंग एंड ट्रेडिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नसरुद्दीन शेख और अहमदाबाद पतंग गृह उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष सरफुद्दीन शेख ने बताया कि जीएसटी की मार से इस उद्योग पर विपरीत असर पड़ा है। पतंग बनाने के लिए इस्तमाल होनेवाली बैम्बू स्टिक पर पांच प्रतिशत, कागज पर पांच से 18 प्रतिशत, पीबीसी (इसको चिपकाने के उपयोग में आने वाली एडहेसिव) पर पांच प्रतिशत जीएसटी है।

यहां से पतंग दिल्ली,उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में निर्यात की जाती है। गुजरात से पतंग बाहर भेजने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। हर महीने इसका लेखा-जोखा सरकारी दफ्तरों में देना पड़ता है। इससे पतंग का छोटा कारोबार करने वाले व्यापारियों का पूरा धंधा चौपट हो गया है। जीएसटी की मार की वजह से लोग काराबोर छोड़ रहे हैं।