प्रदेश विशेष
शादी पैकेजों में भी नहीं रहेगा जीएसटी का असर
रायपुर,03/नवम्बर/2017(ITNN)>>> जीएसटी का असर शादी पैकेजों पर नहीं पड़ेगा। शादी सीजन को देखते हुए बड़े-बड़े होटल्स इन दिनों अपने शादी पैकेजों को उपभोक्ताओं के अनुसार फ्रैंडली करते जा रहे हैं। उपभोक्ता की मांग के अनुसार ये पैकेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही होटल्स द्वारा उपभोक्ताओं को रिझाने इस बार थीम बेस्ड सजावट की प्लानिंग की जा रही है। होटल संचालकों का कहना है कि उनकी कोशिश यह है कि शादी के ये पैकेज उपभोक्ताओं के लिए ओपन कर दिए गए हैं।

उदाहरण के लिए अगर आप 10 लाख का शादी पैकेज लेते हैं और हजार लोगों के लिए। आप यह पैकेज ही लेना चाहते हैं और अपने बजट व सुविधा के अनुसार। इस पर होटल्स आपको वैसा ही पैकेज देंगे। उपभोक्ता द्वारा बताए लोगों मेहमानों की संख्या और डेकोरेशन तथा अन्य डिमांड के अनुसार उनके लिए महंगा पैकेज ही सस्ता बनाया जा रहा है। होटल बेबीलोन इंटरनेशनल के ब्रेवरेज एंड फुड मैनेजर कुलजीत सिंह भल्ला ने बताया कि होटलों की तैयारी यह है कि जीएसटी से महंगा होने के बाद भी इसका असर उपभोक्ताओं पर न पड़े।

उपभोक्ता से पूछी जा रही थीम
होटल संचालक उनके पास आने वाले उपभोक्ता से ही शादी में किए जाने वाले डेकोरेशन का थीम पूछ लेते हैं और अपने पास रखे हुए कैटलॉग दिखाते हैं। उनके इस कैटलॉग में बड़ी-बड़ी फिल्मों के साथ ही महानगरों में तैयार किए जाने वाले थीम होते हैं। इनका खर्चा भी उपभोक्ता के बजट के अनुसार पैकेज में तैयार होता है।

दूल्हा-दुल्हन की शानदार एंट्री पर फोकस
इस बार भी सबसे ज्यादा फोकस दूल्हा-दुल्हन की शानदार एंट्री पर किया जा रहा है। फिल्मों की तरह ही दूल्हा-दुल्हन की एंट्री होटल की छत से होती है, जिसमें पार्टी में आए हुए लोगों को एक अलग ही अनुभव होता है।

ये सारी चीजें रहती हैं शादी पैकेज में
1. बारात स्वागत से लेकर विदाई तक का पूरा जिम्मा।

2. शानदार डेकोरेशन का ध्यान भी होटल्स रखते हैं।

3. उपभोक्ता की डिमांड के अनुसार कुछ होटल्स इन दिनों पंडितों की भी व्यवस्था कर रहे हैं।

मांगलिक भवनों पर जीएसटी का असर,6 फीसदी महंगी हुई सर्विस
जीएसटी का सबसे ज्यादा असर मांगलिक भवनों पर पड़ा है। पहले इनमें सर्विस पर लगने वाला सर्विस टैक्स अब जीएसटी के चलते सीधे 12 से बढ़कर 18 फीसदी हो गया है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को मांगलिक भवनों का शुल्क थोड़ा महंगा पड़ेगा। मांगलिक भवनों के संचालकों का कहना है कि किराए में तो कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है,लेकिन सर्विस में कैटरिंग,बिजली,पानी,सफाई का शुल्क काफी बढ़ जाएगा। 

उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी मांगलिक भवन का किराया इस साल जून में 50 हजार रुपए था। इस पर पानी, सफाई, कैटरिंग आदि में 12 फीसदी शुल्क लगता था,लेकिन अब इनमें 18 फीसदी जीएसटी लगेगा,जिससे यह शुल्क महंगा हो जाएगा। निरंजन धर्मशाला के सुभाष अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी के चलते सर्विस थोड़ी महंगी हुई है।