म. प्र. के जिले  :: डिण्डौरी
डिंडोरी में कृषि विज्ञान मेला आयोजित,केंद्रीय मंत्री कुलस्ते हुए शामिल
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड में शनिवार को जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते,नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह,कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन शामिल हुए.
अस्पताल ने बेड खाली करने के लिए टॉयलेट में रखवा दिया शव
अस्पताल ने बेड खाली करने के लिए टॉयलेट में रखवा दिया शव मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में मानवीयता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां सरकारी अस्पताल में बेड खाली कराने के लिए एक लावारिस युवक के शव को शौचालय में रखवा दिया. मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में मानवीयता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां सरकारी अस्पताल में बेड खाली कराने के लिए एक लावारिस युवक के शव को शौचालय में रखवा दिया.
नर्मदा ही ऐसी नदी जिसकी परिक्रमा होती है : उमा भारती
नमामि देवी नर्मदे यात्रा रविवार को डिंडौरी जिले के कनेरी गांव पहुंची। यहां केंद्रीय मंत्री उमा भारती और सीएम शिवराज सिंह कार्यक्रम में पहुंचे। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि नर्मदा हमारी मां हैं, यह एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा होती है। हमें नर्मदा की रक्षा करना है। सीएम द्वारा शुरू की गई नर्मदा सेवा यात्रा पर उन्होंने कहा कि शिवराज जी का जन्म नर्मदा की सेवा के लिए हुआ है।
तड़पती रही महिला,बिलखता रहा पति,अस्पताल के बाहर हुई डिलेवरी
जिला अस्पताल में मानवता को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है। शनिवार रात जिला अस्पताल के बाहर प्रसव पीड़ा से महिला तड़पती रही। पत्नी की असहनीय पीड़ा देखकर पति बिलख - बिलखकर रोता रहा और घंटों तमाशबीन बनी भीड़ के बीच अस्पताल के बाहर महिला का खुले में प्रसव हो गया। मामला जब प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा तब डॉक्टर आए।
एक भी खदान स्वीकृत नहीं फिर भी दौड़ रहे रेत से भरे डंपर और ट्रैक्टर
सुबह के 6 बजे नर्मदा नदी के घाट पर पहुंची तो पहले तो चारो तरफ सुनसान ही नजर आया लेकिन थोड़ा आगे बढ़ते ही मूसामुंडी अवैध खदान में एक डंपर में कुछ मजदूर रेत भरते नजर आए,पूछने पर मजदूर राम सिंह ने बताया कि रेत तो पहले से ही एकत्रित थी,इसलिए उठाकर शौचालय निर्माण कार्य के लिए ले जा रहे हैं। जिले भर में नर्मदा नदी से रेत की कोई भी खदान स्वीकृत नहीं है।