म. प्र. के जिले  ::  श्योपुर
मौसम की मार के बाद अब सरकार किसानों से डायवर्सन शुल्क के नाम पर वसूलेगी एक और टैक्स
मौसम की मार से बर्बाद हुए किसानों को सरकार ने अभी तक कोई राहत तो नहीं दी है। अलबत्ता सरकार ने एक नए टैक्स का बोझ किसानों पर जरूर डाल दिया है। जिन किसानों ने खेत या गांव में रहने के लिए घर बना लिए है उनसे पटवारियों के माध्यम से डायवर्सन शुल्क की वसूली की जा रही है। प्रदेश सरकार ने हर जिले को यह टैक्स वसूलने का टारेगट भी दिया है।
वीरपुर में कांग्रेस की सभा में मंच गिरा,सिंधिया सहित कई नेता गिरे
वीरपुर में आज कांग्रेस की सभा के दौरान अचानक मंच ढह गया। इससे सांसद जयोतिरादित्‍य सिंधिया समेत कई नेता मंच से नीचे जा गिरे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यहां किसान अाक्रोश रैली का आयोजन किया गया था।
शिवराज सरकार ने माना,पेयजल और सड़क की कमी के कारण श्योपुर में अधिक कुपोषण
मध्य प्रदेश सरकार की मानें तो श्योपुर में कुपोषण इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह एक आदिवासी इलाका है और यहां के गांव अब तक सड़कों से नहीं जुड़ पाए हैं. इतना ही नहीं सरकार ने ये भी माना है कि गांवों में पीने के पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की वजह से कुपोषण के केस ज्यादा हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने भाषणों में अक्सर ये कहते सुना जाता है कि सरकार ने सूबे में सड़कों का जाल बिछा दिया है.
शराबबंदी के लिए मंडप छोड़ धरने पर बैठा दूल्हा
शादी- विवाह में शराब पीना जहां फैशन बन गया है, दूल्हा दोस्तों की फरमाइश पूरी करने के लिए उन्हें उनकी मनपसंद शराब परोसकर बारात में नाचने के लिए तैयार करता है, वहीं इसके विपरित सेमल्दा निवासी जगदीश पुत्र बच्चूलाल सुमन ने मंडप को शोर शराबबंदी को लेकर चल रहे धरने में शामिल होने पहुंच गया गया,जगदीश धरना स्थल से तभी उठा जब उसके सभी साथी और रिश्तेदारों ने बारात में शराब न पीने की शपथ ली। जगदीश का ब्याह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत शनिवार 29 अप्रैल को जिला मुख्यालय स्थित टीनशेड में होना है।
प्रदेश में सबसे पहले श्योपुर के छात्रावास में शुरू हुई फिंगर प्रिंट से हाजिरी
श्योपुर के गर्ल्स स्कूल परिसर में संचालित आरएमएसए कन्या छात्रावास में बायोमेट्रिक मशीन से छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शुक्रवार को छात्रावास में मोबाइल से कनेक्ट रहने वाली बायोमेट्रिक मशीन लगा दी गई। इसी के साथ यह छात्रावास पूरे मध्यप्रदेश में सबसे पहला बन गया है,जहां बच्चों की उपस्थित फिंगर प्रिंट से ली जाएगी।