साक्षात्कार  :: साहित्यकार
लाइफ और ट्रैवल के बीच की दुनिया है संदीप की नई बुक
संदीप भुटोरिया द्वारा लिखी उनकी दूसरी बुक एक जीवंत और आकर्षक travelogue पर बेस्ड है। बुक में संदीप ने बड़े ही सरल ढंग से लाइफ और ट्रैवल के बीच की दुनिया को इस अंदाज में पेश किया है कि हर कोई इसे एक बार पढ़ने के बारे में सोचेगा जरुर। लाइफ अपने आप में एक असाधारण यात्रा है, लेकिन बाहरी दुनिया की यात्रा इससे ज्यादा रंगीन, अनूठी और अंदर की दुनिया की तुलना से कहीं ज्यादा मुश्किल भरी और चुनौतीपूर्ण है।
नये भारत की दस्तक को पहचाने
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणामों ने देश को अचम्भित कर दिया। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड में भाजपा की शानदार जीत ने स्वतंत्रता के बाद नया इतिहास बनाया है। इस यादगार महाजीत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय में ‘‘नया भारत’ उभरने की बात कही है और उसे वे विकास का पक्षधर मानते है। उन्होंने जनता से कहा कि वह नए भारत के निर्माण का संकल्प लें। वर्ष 2022 में जब हम आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे तब तक हमें ऐसा भारत बना लेना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह भाषण भी अविस्मरणीय रहेगा।
जीने की राह बताते हैं स्‍वामी विवेकानंद के ये प्रमुख विचार
स्वामी विवेकानंद को दुनिया भर में युवाओं के लिए एक मिसाल माना जाता है और उनका नाम आते ही मन में श्रद्धा और स्‍फूर्ति दोनों का संचार होने लगता है। स्‍वामी विवेकानंद से जुड़ी कई कहानियां और किस्‍से हैं जो जीवन और उद्देश्य बदलने के लिए प्रेरणा बन सकती हैं। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। संन्यास लेने से पहले उनका नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील थे। उनकी मां भुनवेश्वरी देवी गृहिणी थीं। विवेकानंद के दादा दुर्गाचरण दत्त संस्कृत और फ़ारसी के ज्ञाता थे। रामकृष्ण परमहंस से संपर्क में आने के बाद नरेंद्रनाथ ने करीब 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के देहांत के बाद स्वामी विवेकानंद ने पूरे देश में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी। विवेकानंद को पूरी दुनिया में भारतीय दर्शन और वेदांत का सर्वप्रमुख विचारक और प्रचारक माना जाता है। उनका महज 39 वर्ष की उम्र में चार जुलाई 1902 को देहांत हो गया।
दिल्ली में मेटा थिएटर महोत्सव
दिल्ली में मेटा थिएटर महोत्सव की शुरुआत 'महाविद्यालयों, परिसरों और राजनीति में थिएटर' विषय पर चर्चा से हुई। इसके बाद हेमंत पांडेय द्वारा निर्देशित नाटक 'लसनवाला' का मंचन हुआ। यह थिएटर महोत्सव 9 मार्च तक श्रीराम केंद्र, कमानी और एलटीजी में भाग लेने वाला और समारोह समारोह 10 मार्च को दिल्ली के ताज महल होटल में होगा।
हास्य लेखक तारक मेहता का 87 साल की उम्र में निधन
देश के प्रसिद्ध नाटककार और पद्मश्री तारक मेहता का आज सुबह 87 साल की उम्र में निधन हो गया। तारक मेहता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बता दें टीवी का पॉपुलर शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' इन्हीं के कॉलम 'तारक मेहता का ऊंधा चश्मा' से इंसपायर है। तारक मेहता के परिवार ने उनके देहदान का फैसला लिया है।
पी.जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार
तमिल,हिन्दी और संस्कृत के विद्वान और लेखक पी.जयरामन सहित 22 भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार दिया जायेगा. अकादमी के सचिव के.श्रीनिवासन राव ने बताया कि अकादमी के अध्यक्ष प्रो.विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 22 भारतीय भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार दिया जायेगा.
पुलिस मुख्यालय की मंजुला वर्मा पं.गोविंद वल्लभ पंत
पुलिस मुख्यालय की शिकायत शाखा में पदस्थ उप निरीक्षक (अ) मंजुला वर्मा को उनकी पुस्तक महिला के विरूद्ध अपराध की रोकथाम हेतु पुलिस में परिवर्तन को पं.गोविंद वल्लभ पंत पुरूस्कार से सम्मानित किया गया। वर्मा की इस उपलब्धि पर पुलिस महानिदेशक ऋषि शुक्ला ने उन्हें बधाई दी हैं।
साहित्यकार रवींद्र कालिया नहीं रहे
हिंदी के साहित्यकार रवींद्र कालिया का दिल्ली के अस्पताल में 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. रवींद्र कालिया ने शनिवार दोपहर बाद गंगाराम सिटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे. उनका अंतिम संस्कार रविवार लोधी रोड के श्मशान घाट पर होगा. कालिया के परिवार में लेखिका पत्नी ममता कालिया और उनके दो बेटे हैं. रविंद्र कालिया का पंजाब के जालंधर में जन्म हुआ था. वे केंद्रीय हिंदी निदेशालय की पत्रिका 'भाषा' और 'धर्मयुग' से जुड़े रहे. वे भारतीय भाषा परिषद की पत्रिका 'वागर्थ' के भी संपादक रहे.