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गर्मियों में पचमढ़ी आना बन जाता है खास
कुदरत ने जैसे पचमढ़ी को दिल-खोलकर प्राकृतिक सौन्‍दर्य बख्‍शा है। चारों ओर पहाड़ों के उन्‍नत शिखर, हरियाली और वन, गहरी खाइयाँ, स्‍वच्‍छन्‍द विचरण करते वन्‍य-प्राणी, रंग-बिरंगे दुर्लभ पक्षियों के झुण्‍ड शांत वातावरण में फैली अलग तरह की सोंधी खुशबू और स्‍वच्‍छ हवा स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बहुत फायदेमंद है। देश के हृदय प्रदेश कहे जाने वाले मध्‍यप्रदेश में बहुत नजदीक गर्मियों की छुट्टियाँ बिताने या घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिये कोई अच्‍छी जगह है तो वह पचमढ़ी है।
सुनने की फुर्सत हो तो आवाज़ है पत्थरों में - कहानी गुजरी महल की
ये कहानी है दिल्ली के 'शहज़ादे' और हिसार की 'शहज़ादी' की। उनकी मुहब्बत की। गूजरी महल की तामीर का तसव्वुर सुलतान फ़िरोज़शाह तुगलक़ ने अपनी महबूबा के रहने के लिए किया था ... शायद यह किसी भी महबूब का अपनी महबूबा को परिस्तान में बसाने का ख़्वाब ही हो सकता था और जब गूहरी महल की तामीर की गई होगी .. .तब इसकी बनावट, इसकी नक्क़ाशी और इसकी ख़ूबसूरती को देखकर ख़ुद भी इस पर मोहित हुए बिना न रह सका होगा।
खूबसूरत और दिलकश नज़ारों से लुभाने वाला स्थल पचमढ़ी
यूँ तो किसी न किसी वेकेशन पर हर कोई खूबसूरत वादियों की सैर करना चाहता है वो चाहे बच्चा हो या फिर कोई बड़ा-बूढा। हर पर्यटक की पहली ख्वाहिश होती है की वह हसीन वादियों से घिरा, हरियाली, फूलों की मदमस्त कर देने वाली खुशबू, पहाड़ियां, झरने, नदियां, बर्फ, झीलें आदि से घिरी जगह हो। तो क्या दोस्तों इस वेकेशन आपने कहीं जाने का प्लान किया है? जी हाँ मैं बात कर रही हूँ गर्मियों की छुट्टियों की। अगर आप भी इस वेकेशन को यादगार बनाने की सोच रहे हैं तो चलिए सैर करते हैं मध्य प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी की।
मांडू - अमर प्रेम कथा का साक्षी
यदि हम राज्यों की धरोहर एवं पर्यटन क्षेत्र की चर्चा करें तो हमारे देश के राज्य सम्पन्न संस्कृति से भरे-पूरे राज्य मने जाते हैं। हर राज्य की अपनी संस्कृति व भाषा है और इसी के आधार पर राज्य की पहचान मानी जाती है। मध्य प्रदेश विकासशील राज्य माना जाता है। परन्तु किसी भी राज्य की विरासत व पहचान बदल नहीं सकती । पर्यटन क्षेत्र व पर्यटन स्थल नष्ट नहीं हो सकते। ऐसा ही एक स्थान मध्य प्रदेश में है, जिसका नाम है - ‘मांडू’।
महाबलेश्वर - पहाड़ो मे बसा खुबसुरत हिल स्टेशन
महाराष्ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह जगह दुनिया के सबसे खुबसूरत हिल स्टेशनों में शामिल है। महाबलेश्वर में पर्यटक गर्मी के मौसम में आना पसंद करते है। महाबलेश्वर का शाब्दिक अर्थ होता है- गॉड ऑफ ग्रेट पॉवर यानि भगवान की महान शक्ति। महाबलेश्वर को पांच नदियों की भूमि भी कहा जाता है। यहां वीना, गायत्री, सावित्री, कोयना और कृष्णा नामक पांच नदियां बहती है। 4,450 फीट की ऊंचाई पर बसा यह शहर 150 वर्ग किमी। के क्षेत्र में फैला हुआ है। महाबलेश्वर, मुम्बई से 220 किमी। और पुणे से 180 किमी। दूर स्थित है।
लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का समूह : कटनी
चूना पत्थर के शहर के नाम से लोकप्रिय उत्तरी मध्यप्रदेश का कटनी जिला 4950 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, मुरवाड़ा और करोन्दी यहां के लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। मुड़वाड़ा कटनी, छोटी महानदी और उमदर यहां से बहने वाली प्रमुख नदियां हैं। कटनी का स्लिमनाबाद गांव संगमरमर के पत्थरों के लिए प्रसिद्ध है।